24 Feb 2026
नैनीताल, 24 फ़रवरी (हि.स.)। जिला एवं सत्र न्यायालय ने नैनीताल के चर्चित दीक्षा हत्याकांड में आरोपित इमरान उर्फ ऋषभ तिवारी काे दोषी करार करा दिया है। दोषी इमरान की सजा पर सुनवाई के लिए 26 फरवरी काे सुनवाई हाेगी। दरअसल, 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के दिन नैनीताल में मल्लीताल पुलिस कोतवाली के पास एक होटल में एक हिंदू युवती दीक्षा की हत्या हुई थी। इस हत्या में उसके पार्टनर ऋषभ तिवारी का नाम सामने आया। बाद में पुलिस की जांच में ऋषभ तिवारी की असली पहचान इमरान पुत्र इत्वेजामू अद्दीन, निवासी मकान संख्या 220, पटेल नगर गाजियाबाद के रूप में हुई थी। अभियोजन के अनुसार आरोपित इमरान ने अपना वास्तविक नाम और पहचान छिपाकर स्वयं को ऋषभ तिवारी के नाम से दीक्षा से जान-पहचान बढ़ाई और उसे नैनीताल घुमाने के लिए लाया। 14 अगस्त 2021 की शाम होटल गैलेक्सी में दो कमरे लिए गए थे। एक कमरे में रिपोर्टकर्ता श्वेता शर्मा और उनकी मित्र अलमास रुकी थीं, जबकि दूसरे कमरे में दीक्षा और इमरान ठहरे थे। 16 अगस्त 2021 को श्वेता और अलमास ने हाेटल के कमरे में दीक्षा को बिस्तर पर शव मिला था और इमरान मौके से फरार था। इसके बाद कोतवाली मल्लीताल में मामला दर्ज किया गया थ। मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अभियोजन ने 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साथ ही केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला चंडीगढ़ के विशेषज्ञों को भी न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने घटनास्थल से जब्त डीवीआर संबंधी साक्ष्यों को प्रमाणित किया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने आरोपित इमरान उर्फ ऋषभ तिवारी को हत्या का दोषी ठहराते न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिया। अब काेर्ट ने इमरान की सजा की अवधि पर सुनवाई के लिए 26 फरवरी नियत की है।