19 Feb 2026
शिमला, 19 फ़रवरी (हि.स.)। नशा तस्करी पर सख्ती दिखाते हुए जिला पुलिस शिमला ने प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत दो तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। दोनों आरोपी पहले भी कई बार चिट्टा तस्करी के मामलों में पकड़े जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने अवैध गतिविधियां बंद नहीं कीं। इसलिए पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार रोहड़ू क्षेत्र के गांव बेजोरी निवासी गगन भूषण को हिरासत में लेकर तीन महीने के लिए जेल भेजा गया है। गगन भूषण स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) 1985 के तहत कई मामलों में आरोपी रहा है और उसके कब्जे से अलग-अलग मामलों में हेरोइनचिट्टा और चरस बरामद की जा चुकी है। रिकॉर्ड के मुताबिक गगन भूषण को पहली बार 25 मार्च 2019 को पुलिस थाना जुब्बल में दर्ज मामले में करीब 3.25 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 17 जुलाई 2022 को रोहड़ू थाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में उससे क्रमशः करीब 51.33 ग्राम और 118.97 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। वहीं 14 फरवरी 2023 को दर्ज एक अन्य मामले में उसके कब्जे से करीब 2.10 ग्राम चिट्टा और 113.78 ग्राम चरस बरामद की गई थी। पुलिस का कहना है कि बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद उसने तस्करी नहीं छोड़ी। इसी तरह पुलिस ने जुब्बल क्षेत्र के हाटकोटी निवासी नरेंद्र कुमार उर्फ नन्दु को भी प्रिवेंटिव डिटेंशन में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक वह भी एनडीपीएस एक्ट के कई मामलों में आरोपी रहा है और उसके पास से कई बार चिट्टा बरामद हो चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नरेंद्र कुमार को 9 फरवरी 2023 को जुब्बल थाना क्षेत्र में करीब 1.62 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 28 मई 2023 को रोहड़ू थाना क्षेत्र में उससे करीब 7.34 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। वर्ष 2024 में 19 सितंबर को कोटखाई थाना क्षेत्र में उसके कब्जे से करीब 468.380 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया, जो बड़ी बरामदगी मानी गई। बाद में 16 दिसंबर 2024 को देहा थाना क्षेत्र में उससे करीब 10.23 ग्राम चिट्टा फिर बरामद हुआ। पुलिस का कहना है कि कई बार पकड़े जाने के बावजूद आरोपी नशा तस्करी में सक्रिय रहा। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ निवारक नजरबंदी का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करना और उन्हें भविष्य में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से रोकना है।