24 Jan 2026
जयपुर, 24 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में परिवारों को स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन नहीं देने को संविधान के अनुच्छेद 21 के विपरीत माना है। वहीं अदालत ने डवलपर को सिंगल पाइंट विद्युत कनेक्शन देने के प्रावधान के बावजूद याचिकाकर्ता परिवारों को स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन का हक दिलाया है। अदालत ने जयपुर डिस्कॉम से कहा कि याचिकाकर्ताओं को दो माह में कनेक्शन जारी करे। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस रवि चिरानिया की खंडपीठ ने यह आदेश वाटिका इंफोटेक सिटी निवासी जनक सिंह हाडा व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि जेवीवीएनएल का याचिकाकर्ताओं को स्वतंत्र बिजली कनेक्शन देने से इनकार करना मनमाना और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया कि ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में डवलपर को सिंगल पोइंट कनेक्शन के प्रावधान के कारण याचिकाकर्ताओं को 10 साल से स्वतंत्र विद्युत कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। जबकि पानी-बिजली जीने के लिए आवश्यक है।