13 Feb 2026
नई दिल्ली, 13 फरवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से मणिपुर हिंसा की जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई से दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सुझाव दिया कि अब मणिपुर या गुवाहाटी हाई कोर्ट इन मामलों की निगरानी करे। कोर्ट ने कहा कि अब मणिपुर हाई कोर्ट में नये मुख्य न्यायाधीश आ गए हैं, इसलिए वे स्थनीय हालात को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि वो पीड़ितों के पुनर्वास के लिए बनी जस्टिस गीता मित्तल कमेटी की सिफारिशें जल्द लागू करे। न्यायालय ने न्यायमूर्ति गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली कमेटी पीड़ितों के पुनर्वास और कल्याण के लिए बनाई थी। इसमें न्यायमूर्ति गीता मित्तल के अलावा न्यायमूर्ति शालिनी जोशी और न्यायमूर्ति आशा मेनन को शामिल किया था। कोर्ट ने सीबीआई जांच की निगरानी के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी दत्तात्रेय पद्सालगिकर को नियुक्त किया था। मणिपुर में मई 2023 में शुरु हुई हिंसा में अब तक दो सौ से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। इस हिंसा में हजारों लोग बेघर हुए और कई घायल हो गए। यह हिंसा तब भड़की जब मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था।