25 Jan 2026
नई दिल्ली, 25 जनवरी (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। इस बार 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर गृह मंत्रालय की एक विशेष झांकी में तीन नए कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सफल राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को प्रदर्शित किया जाएगा। गृह मंत्रालय के मुताबिक 1 जुलाई 2024 से लागू हुए इन कानूनों को इस सदी का सबसे बड़ा कानूनी सुधार माना जा रहा है। झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि भारत अब दंड आधारित औपनिवेशिक व्यवस्था से निकलकर 'न्याय' के भारतीय दर्शन को अपना चुका है। यह 'विकसित भारत' की आकांक्षा का एक सशक्त प्रतीक है। झांकी में भारत की आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और नागरिक-केंद्रित न्याय प्रणाली के विभिन्न पहलुओं को दिखाया जाएगा। इनमें डिजिटल साक्ष्य और ई-प्रणाली, इंटिग्रेटेड सिस्टम, मोबाइल फॉरेंसिक इकाइयां और महिला सशक्तिकरण शामिल होंगे। नए कानूनों की समावेशिता को दर्शाने के लिए झांकी में कुछ विशेष पहलुओं को जोड़ा गया है। इनमें न्याय के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहली बार 'सामुदायिक सेवा' को शामिल करना (जो न्याय के प्रति एक प्रगतिशील और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है), कानून की नई पुस्तकों का विभिन्न भाषाओं में प्रदर्शन करना (जो न्याय प्रणाली देश के हर नागरिक के लिए सुलभ और समझने योग्य है) और अदालती कार्यवाही में लगने वाले समय को कम करने के लिए तकनीक के उपयोग तथा वर्चुअल सुनवाई को प्रमुखता देना शामिल होगा।