27 Feb 2026
देश में हर वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान भारतीय वैज्ञानिक सी.वी. रमन की ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ की याद में समर्पित है। 28 फरवरी 1928 को सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने यह महत्वपूर्ण खोज की थी कि जब प्रकाश की किरणें किसी पारदर्शी पदार्थ से गुजरती हैं, तो उनकी तरंगदैर्ध्य (वेवलेंथ) में परिवर्तन हो सकता है। प्रकाश के प्रकीर्णन (स्कैटरिंग) से जुड़ी इस घटना को बाद में ‘रमन प्रभाव’ के नाम से जाना गया। यह खोज भौतिकी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुई। इस अद्वितीय वैज्ञानिक उपलब्धि के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। वे न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया के पहले वैज्ञानिक थे जिन्हें विज्ञान के क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। उनकी उपलब्धि ने विश्व मंच पर भारतीय वैज्ञानिक क्षमता को नई पहचान दिलाई। इस खोज के सम्मान में 1986 से 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इस अवसर पर देशभर के विद्यालयों, विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिक संस्थानों में विज्ञान प्रदर्शनी, संगोष्ठियां, व्याख्यान और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि युवाओं में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 1954 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से भी अलंकृत किया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें न केवल रमन की महान खोज की याद दिलाता है, बल्कि यह भी प्रेरित करता है कि वैज्ञानिक अनुसंधान और जिज्ञासा ही किसी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला होते हैं।