01 Apr 2026
चेन्नई, 01 अप्रैल (हि.स.)। चेन्नई के त्यागराज नगर स्थित पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) कार्यालय में बुधवार को पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया। इस दौरान पार्टी के प्रमुख नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने घोषणा पत्र का विमोचन करते हुए इसे राज्य का सबसे बेहतरीन विज़न डॉक्यूमेंट बताया। घोषणा पत्र जारी करने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने उनके घोषणा पत्र की नकल की है। रामदास ने कहा कि तमिलनाडु में लगभग 1.30 करोड़ युवा बेरोजगार हैं और उनकी सरकार बनने पर पहले चरण में 5 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। घोषणा पत्र के अनुसार, वर्ष 2026-27 और 2027-28 के दौरान 2.5 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इसमें तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के माध्यम से ग्रुप-4 में 35 हजार और ग्रुप-2 में 10 हजार पद भरे जाएंगे, जबकि 40 हजार शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा पुलिस, अग्निशमन और वन विभाग में 20 हजार नौकरियां सृजित की जाएंगी। पार्टी ने परिवहन विभाग में 10 हजार, बिजली विभाग में 16 हजार और चिकित्सा क्षेत्र में 7 हजार नियुक्तियों का भी प्रस्ताव रखा है। साथ ही हर परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्नातक के बाद बेरोजगार रहने वाले युवाओं को हर महीने 5,000 रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया गया है। कुल मिलाकर सरकारी, निजी और स्वरोजगार के माध्यम से लगभग 1 करोड़ रोजगार सृजित करने की योजना है। पीएमके ने सत्ता में आने पर राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का वादा भी किया है। गांजा सहित अन्य नशीले पदार्थों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए “तमिलनाडु नशा उन्मूलन रोकथाम विभाग” नाम से नया विभाग बनाया जाएगा, जिसमें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होगी। नशीले पदार्थों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा और सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। घोषणा पत्र में किसानों के हितों को भी प्रमुखता दी गई है। गन्ने का खरीद मूल्य 5,000 रुपये प्रति टन तय करने का वादा किया गया है। धान, तिल और सब्जियों सहित सभी कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने की बात कही गई है। राज्य में कृषि क्षेत्र की सालाना 5 प्रतिशत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी। किसानों को अधिकतम 30,000 रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है और राज्य बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा कृषि से जुड़े क्षेत्रों को आवंटित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा फसल ऋण माफी और राशन दुकानों में परिवार कार्ड धारकों को देशी चीनी (नाटु सक्करै) उपलब्ध कराने का वादा भी किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा पत्र रोजगार, नशामुक्ति और कृषि सुधार जैसे प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित है, जिससे पार्टी राज्य के युवाओं, किसानों और आम जनता को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।