30 Jan 2026
--गैंगस्टर एक्ट में सत्र अदालत से मिली दस साल की कैद व पांच लाख जुर्माने की सजा को अपील में दी है चुनौती प्रयागराज, 30 जनवरी, (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुख्तार अंसारी गैंग के कथित सदस्य भीम सिंह की गैंगस्टर एक्ट के तहत दस साल की कैद व पांच लाख के जुर्माने की सजा के खिलाफ अपील में दाखिल जमानत अर्जी मंजूर कर ली है और सशर्त जमानत पर रिहाई का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा याची का 33 आपराधिक केसों का इतिहास है। पुराने 1996-98 के पांच केसों का गैंग चार्ट का अनुमोदन जिलाधिकारी गाजीपुर द्वारा नहीं किया गया है। इन केसों में तीन में बरी कर दिया गया है। दो में जमानत पर हैं। साथ ही एक चौथाई तीन साल की सजा काट ली है। ट्रायल कोर्ट ने अधिकतम दस साल की सजा दी है। सजा के खिलाफ अपील की शीघ्र सुनवाई की संभावना नहीं है। ऐसे में जमानत पाने का हकदार है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने भीम सिंह के अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव को सुनकर दिया है। याची को मुख्तार अंसारी के साथ गाजीपुर की अदालत ने सजा सुनाई है। अंसारी की मौत हो चुकी है। याची की अपील विचाराधीन है। अधिवक्ता का तर्क था कि जिस गैंग चार्ट के आधार पर सजा सुनाई गई है, वह बहुत पुराने केसों पर निर्मित है। गैंग चार्ट के पांच केसों में तीन में बरी हो चुका है दो में जमानत पर हैं। केस हिस्ट्री का खुलासा किया गया है। 2012 मे तैयार गैंग चार्ट का जिलाधिकारी ने अनुमोदन नहीं किया है, इसलिए यह अवैध है। ट्रायल कोर्ट ने इस तथ्य पर विचार किए बगैर सजा सुनाई है, जो सही नहीं है। याची 15 दिसम्बर 22 से जेल में बंद हैं। सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया। कहा याची का आपराधिक इतिहास है। अंसारी गैंग का सदस्य है। इसलिए जमानत न दी जाय। कोर्ट ने सशर्त जमानत मंजूर कर ली और सजा के खिलाफ अपील को नियमानुसार सुनवाई के लिए पेश करने का आदेश दिया है।