23 Jan 2026
नई दिल्ली, 23 जनवरी (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम)-2026 का तीन दिवसीय आयोजन नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दिल्ली घोषणा-2026 को अंगीकार किए जाने के साथ संपन्न हुआ।
सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-समर्थ बनाना रहा। समापन सत्र में विश्वभर के निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी), विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों की व्यापक भागीदारी रही।
समापन सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली घोषणा-2026 का वाचन किया, जिसे 42 ईएमबी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। घोषणा में पांच स्तंभों- मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनावों का संचालन, अनुसंधान व प्रकाशन, प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण पर सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया। प्रतिभागियों ने इन स्तंभों पर प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने और दिसंबर 2026 में पुनः मिलने का प्रस्ताव भी रखा।
सम्मेलन में वैश्विक लोकतंत्रों का एक संकलित विश्वकोश तैयार करने, इंटरनेशनल आईडीईए द्वारा सात विषयों तथा आईआईसीडीईएम द्वारा 36 विषयों पर व्यापक रिपोर्टें विकसित करने पर सहमति बनी। साथ ही, ईसीआईनेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के सह-विकास, पारदर्शी प्रथाओं के प्रशिक्षण व आदान-प्रदान और निर्वाचन संचालन में पेशेवर ज्ञान साझा करने पर जोर दिया गया।
मुख्य संबोधन में ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों पर संवाद को गति दी है। उन्होंने सम्मेलन के दौरान हुई 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे साझा प्राथमिकताओं और दृष्टिकोणों पर आपसी समझ मजबूत हुई।
निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने उदारता, परस्पर सम्मान और सीखने की भावना को वैश्विक चुनावी समुदाय की परिपक्वता का संकेत बताया। निर्वाचन आयुक्त विवेक जोशी ने ईसीआईनेट के लॉन्च को भारतीय प्रौद्योगिकी प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि तकनीक का उद्देश्य विश्वास बढ़ाना है, प्रतिस्थापन नहीं।
यह सम्मेलन अपने प्रकार का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन रहा, जिसमें 27 देशों के राजनयिकों सहित लगभग 1000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न थीमेटिक समूहों में आधुनिक चुनावी चुनौतियों, नवाचार और श्रेष्ठ प्रथाओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।