15 Jan 2026
- सरकार के इस पहल का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है
- बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंच रहे हैं पुस्तक मेले में
- मेले में आने वालों में बुजुर्गों से ज़्यादा युवा
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नई दिल्ली, 15 जनवरी (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया नारा “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया“ का सकारात्मक असर दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे “नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला “ में देखने को मिल रहा है।
मेले में शिरकत कर रहे प्रकाशकों का मानना है कि पीएम के इस नारे का काफी असर हुआ है। जिस तरह से उन्होंने “मन की बात “ कार्यक्रम में लोगों से खादी के इस्तेमाल करने की अपील की और देखते देखते कमाल हो गया बड़े - बुजुर्ग से लेकर युवा वर्ग ने इसे हाथों हाथ लिया और खादी के कपड़े का कारोबार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया ठीक उसी तरह “पढ़ेगा इंडिया बढ़ेगा इंडिया“ नारा भी आगे बढ़ रहा है। बुक फेयर का आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से किया जा रहा है जो रविवार 18 जनवरी तक चलेगा ।
प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार पीएम के दिए गए नारे “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया“ की सराहना करते हुए कहते हैं कि यह नारा “कमाल“ कर रहा है । आने वाले समय में इसका असर और ज़्यादा दिखेगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र भाई (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) का शुरू से ही पुस्तकों के प्रति लगाव रहा है। वह बड़े अच्छे पाठक भी हैं और लेखक भी। उन्होंने बच्चों में पठन पाठन की प्रवृत्ति जागृत करने के लिए यह नारा दिया जिसका असर इस बार पुस्तक मेले में आने वाली भीड़ को देखकर लग रहा है ।
उन्होंने बताया कि पीएम ने कहा कि “बुके नहीं बुक दीजिए “ इसका मतलब यह है कि वो चाहते हैं कि लोगों में पढ़ने के प्रति रुचि पैदा हो ।
विश्व रंग फाउंडेशन के सीईओ विकास अवस्थी कहते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के इस नारे “पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया “ का असर यह हुआ है कि जो लोग यह कह रहे थे कि सोशल मीडिया के दौर में लोग (पाठक ) किताबों से दूर हो रहे हैं वो फिर से किताबों की ओर लौट रहे हैं । हां! यह भी सच है कि तकनीक बढ़ी है और ऐसे में लोगों का भटकाव भी हुआ है लेकिन पीएम के इस इनीशिएटिव ने पाठकों को फिर से किताबों की दुनिया में लाना शुरू कर दिया है ।