01 Feb 2026
नई दिल्ली, 01 फ़रवरी (हि.स.)। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने देश की अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को पूरी तरह नजरअंदाज करने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक सर्वेक्षण में जिन समस्याओं को बताया गया था, उन पर बजट भाषण में कोई ठोस नीति नहीं दिखी। कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा कि यह बजट न तो आर्थिक रणनीति की कसौटी पर खरा उतरता है और न ही आर्थिक नेतृत्व का परिचय देता है। बजट भाषण सुनकर अर्थशास्त्र के जानकार और छात्र तक हैरान रह गए। सरकार ने या तो आर्थिक सर्वेक्षण पढ़ा ही नहीं या फिर जानबूझकर उसे दरकिनार कर दिया। सरकार ने वास्तविक चुनौतियों पर बात करने के बजाय केवल शब्दों और संक्षिप्त नामों की बौछार की। पूर्व वित्तमंत्री ने अमेरिका के टैरिफ, वैश्विक व्यापारिक तनाव, चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे, निजी निवेश की सुस्ती, एफडीआई और एफपीआई को लेकर अनिश्चितता, ऊंचे राजकोषीय और राजस्व घाटे, वास्तविक महंगाई, एमएसएमई के बंद होने, बेरोजगारी और शहरी बुनियादी ढांचे की बदहाली जैसी कम से कम दस बड़ी चुनौतियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों में से किसी पर भी वित्तमंत्री के भाषण में चर्चा नहीं की गई। चिदंबरम ने बजट के वित्तीय प्रबंधन को भी बेहद कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि 2025-26 में राजस्व प्राप्तियां और कुल व्यय दोनों अनुमान से काफी कम रहे, जबकि पूंजीगत व्यय में बड़ी कटौती की गई। केंद्र का पूंजीगत व्यय जीडीपी के प्रतिशत के रूप में घटा है, जो चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व व्यय में की गई कटौतियों का सीधा असर आम लोगों से जुड़े क्षेत्रों पर पड़ा है। ग्रामीण विकास, शहरी विकास, सामाजिक कल्याण, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में बजट आवंटन घटाया गया। जल जीवन मिशन के बजट में भारी कटौती को भी निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे में कमी की रफ्तार बेहद धीमी है और इसे वित्तीय अनुशासन की दिशा में कोई साहसिक कदम नहीं कहा जा सकता। आयकर में किए गए छोटे बदलावों का असर सीमित वर्ग पर ही पड़ेगा, जबकि आम आदमी के लिए अप्रत्यक्ष करों से जुड़ी कुछ मामूली राहत ही अहम है। इन रियायतों का उन्होंने स्वागत किया, लेकिन कुल मिलाकर बजट को कमजोर आर्थिक दस्तावेज बताया।