25 Jan 2026
पटना, 25 जनवरी (हि.स.)। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ मोहनराव भागवत ने कहा कि अपना देश आगे बढ़े और दुनिया का सिरमौर बने। इसकी परिस्थिति भी बन रही है, लेकिन चुनौती भी कम नहीं हैं। कुछ देशों को भारत का आगे बढ़ना अच्छा नहीं लग रहा है। उन्हें अपनी दुकान बंद होने का खतरा दिख रहा है। जिससे वे आगे बढ़ने के मार्ग में बाधा खड़ी करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि डर दूर करने के लिए निर्भरता जरूरी है। निर्भरता से समस्याओं को दूर किया जा सकता हआरएसएस के सर संघचालक डॉ भागवत रविवार को मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा प्रखंड अन्तर्गत गरहा स्थित एक होटल में आयोजित एक सामाजिक सद्भाव विचार गोष्ठी सह संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ भागवत ने कहा कि दुनिया में सद्भाव जरूरी है। सद्भाव नहीं रहने पर लोग आपस में लड़कर मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी विदेशी शक्ति ने अपनी ताकत के बल पर हमें पराधीन नहीं किया। विदेशी शक्तियों ने हमारी फूट का लाभ उठाकर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव रहने पर लोग सभी के सुख दुख में शामिल होंगे, इससे समस्या अपने आप दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब अपना समाज भी जाग रहा है। देश भी आगे बढ़ रहा है। खंड या प्रखंड स्तर पर बैठकर समाज की समस्या दूर करने पर लोगों को किसी नेता का मोहताज नहीं होना होगा।संवाद कार्यक्रम में डाॅ भागवत ने लोगों से अपनी जाति बिरादरी की उन्नति, प्रगति के लिए प्रयत्न करने, दूसरी जाति या बिरादरी की समस्या दूर करने या सामूहिक रूप से समस्या दूर करने के लिए किए गए कार्य की जानकारी ली। कार्यक्रम में क्षेत्र कार्यवाह मोहन सिंह, क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, उत्तर बिहार के संघचालक गौरीशंकर प्रसाद, प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह, चंद्रमोहन खन्ना और वाल्मीकि विमल आदि उपस्थित थे। ै।