19 Jan 2026
नई दिल्ली, 19 जनवरी (हि.स.)। आपरेशन सिंदूर के बारे में प्रेस ब्रीफिंग करने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार से विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दो हफ्ते में अनुमति देने पर विचार करने को कहा है। दरअसल, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निचली अदालत में लंबित मामले में राज्य सरकार से जरूरी अनुमति नहीं मिली है। विजय शाह के वकील ने कोर्ट से कहा कि हमने माफी मांग ली थी। तब कोर्ट ने माफी पर विचार करने से मना करते हुए कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है। उच्चतम न्यायालय ने 19 मई 2025 को विजय शाह को जांच में शामिल होने की शर्त पर गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी के गठन का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विजय शाह को उनके बयान के लिए फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस बयान से पूरा देश शर्मिंदा है। इसके पहले 15 मई, 2025 काे उच्चतम न्यायालय ने विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप ऐसा बयान कैसे दे सकते हैं, आप जानते हैं आप कौन हैं, आप सरकार में मंत्री हैं। जब देश संकट से गुजर रहा हो तो हर शब्द का महत्व होता है, अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। विजय शाह की ओर से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। दरअसल, इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना विवादित बयान दिया था। इस बयान के बाद काफी हंगामा खड़ा हुआ था। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विजय शाह पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विजय शाह पर एफआईआर दर्ज की गई थी।