22 Jan 2026
धार, 22 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के धार शहर स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा-अर्चना और जुमे की नमाज को लेकर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस और प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है और पूरा धार शहर हाई अलर्ट पर है। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भोजशाला पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर ने कहा कि हमारे वकील आदेश को पढ़ रहे हैं। आधिकारिक रूप से आदेश मिलने के बाद हम मीडिया को जानकारी देंगे। फिर सभी के साथ बैठक करके आगे की रणनीति पर बात करेंगे। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वह उच्चतम न्यायालय के आदेश की अलग-अलग व्याख्या न करें। ऐहतियात के तौर पर शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। भोजशाला परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। शांति और कानून व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम धार कलेक्टर मिश्र ने बताया कि बसंत पंचमी उत्सव को दृष्टिगत रखते हुए शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति पर त्वरित नियंत्रण किया जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार क्षेत्र में फ्लेग मार्च भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में शांति एवं कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि शांति भंग करने अथवा कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। धार में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत अनेक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन प्रभावी रूप से करें। भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश अभी हमने स्पष्ट रूप से पढ़ा नहीं है। भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजन होगा। हिंदू समाज ने अखंड पूजा का संकल्प लिया था। इसी भावना को लेकर उच्चतम न्यायालय तक गए थे। गर्भगृह में अखंड पूजा में विघ्न नहीं होगा। पूजा सूर्योदय के साथ शुरू होगी और सूर्यास्त तक चलेगी। वहीं, कमाल मौलाना मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसला हमें सर्व सम्मति से स्वीकार है। जो आदेश है, उसका हम निश्चित तौर पर पालन करेंगे। न्यायालय ने प्रशासन को आदेश दिए हैं कि भोजशाला के भीतर ही सुरक्षा के बीच नमाज अदा करवाई जाए। न्यायालय के आदेश का अभी अध्ययन चल रहा है। बाकी बिंदुओं पर मुस्लिम समाज बाद में प्रतिक्रिया देगा।