06 Feb 2026
बेंगलुरु, 06 फरवरी (हि.स.)। मेट्रो में हुई किराया वृद्धि काे लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि इसके लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेट्रो किराया तय करने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है और यह कार्य केंद्र सरकार द्वारा गठित स्वतंत्र किराया निर्धारण समिति के अधीन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस) अधिनियम–2002 के तहत समिति अपनी सिफारिशें करती है और उन्हें लागू करना मेट्रो प्रशासन के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस समिति की सिफारिशों को रद्द या बदलने का अधिकार न तो राज्य सरकार को है और न ही बेंगलुरु मेट्रो रेल निगम को। सिद्धारमैया ने विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे “भ्रामक प्रचार” को खारिज करते हुए जनता से सरकार के साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने भाजपा नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो नेता दिल्ली में कर्नाटक के हितों की रक्षा करने में विफल रहे, वही अब मेट्रो किराया वृद्धि को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर आम जनता पर वित्तीय बोझ डालने और सार्वजनिक परिवहन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और गरीब वर्ग के हित में किराया पुनः समीक्षा कराने के लिए केंद्र सरकार से औपचारिक चर्चा करेगी। सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि बेंगलुरु के नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार संवैधानिक, संरचनात्मक और दृढ़ता से खड़ी रहेगी और किसी भी प्रकार के आर्थिक या राजनीतिक अन्याय का उचित जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी।