06 Feb 2026
नई दिल्ली, 06 फ़रवरी (हि.स.)। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान राष्ट्रगान गाने का दबाव बनाने के लिए पांच मुस्लिम युवकों की पुलिस पिटाई मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट मयंक गोयल ने इस मामले में दो आरोपित पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश होने के लिए समन जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी। सीबीआई ने हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार और कांस्टेबल पवन यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 325, 304(2) और 34 के तहत जनवरी में चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में फैजान नामक युवक की मौत हो गई थी, लेकिन चार्जशीट में हत्या की कोई धारा नहीं लगाई गई है। फैजान की मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 जुलाई, 2024 को इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुस्लिम युवकों की पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान कर जांच करने के मामले में लचर जांच पर भी दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी। उच्च न्यायालय ने कहा था कि मृत युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट की संख्या हिरासत में लिए जाते समय बने एमएलसी में दर्ज चोट की संख्या से कैसे बढ़ गए। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस जांच रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां है। पांच युवकों में एक की मौत हो गई, लेकिन चार तो जिंदा हैं। क्या जिंदा बचे युवकों से उन पुलिसकर्मियों की पहचान कराई गई। आप पूरी दुनिया की जांच करेंगे, लेकिन चश्मदीद गवाह से कोई पूछताछ नहीं करेंगे। आपने उन चार युवकों का बयान दर्ज करने की जहमत तक नहीं उठाई, ये किस किस्म की जांच है। दरअसल, सोशल मीडिया पर जन-गण-मन नामक एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पांच मुस्लिम युवकों को पुलिसकर्मी घेरे हुए हैं और उनसे राष्ट्रगान गाने के लिए दबाव बना रहे हैं। ये युवक जमीन पर असहाय रुप ये लेटे हुए हैं और पुलिस उनके साथ मारपीट कर रही है। फैजान नामक युवक को 24 फरवरी, 2020 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था और उसे 25 फरवरी, 2020 को काफी नाजुक स्थिति में छोड़ा था। उसे एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उसकी 26 फरवरी, 2020 को मौत हो गई। फैजान की मां ने याचिका दायर कर कहा था कि 25-26 फरवरी, 2020 की दरम्यानी रात को फैजान ने उसे बताया था कि उसे पुलिस ने प्रताड़ित किया था और उसकी खूब पिटाई की गई थी। याचिका में कहा गया था कि फैजान को ज्योति नगर पुलिस थाने में गैरकानूनी हिरासत में रखा गया था और उसे इलाज उपलब्ध करने से इनकार कर दिया गया था। जब उसकी स्थिति खराब होने लगी और पुलिस को लगा कि वह नहीं बच पाएगा, तो उसे छोड़ा गया। याचिका में कहा गया था कि इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया, लेकिन जांच में पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।