11 Feb 2026
नई दिल्ली, 11 फरवरी (हि.स.)। द्वारका कोर्ट ने जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत के मामले में दो ठेकेदारों को अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर 18 फरवरी तक किसी भी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। एडिशनल सेशंस जज हरलीन सिंह ने दोनों ठेकेदारों को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हिमांशु और कवीश गुप्ता को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान ठेकेदार हिमांशु के वकील ने कहा कि 9 फरवरी को दोनों याचिकाकर्ताओं को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का नोटिस मिला, लेकिन 9 फरवरी को तबीयत खराब होने की वजह से वो जांच में शामिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि वो जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होना चाहते हैं। अब वे 11 फरवरी को 10 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होंगे। इसका दिल्ली पुलिस की ओर से विरोध नहीं किया गया। उसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपितों को 11 फरवरी को 10 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। दरअसल, 5 और 6 फरवरी की दरम्यानी रात को निजी बैंक में काम करने वाले कमल ध्यानी अपने घर लौट रहे थे। जनकपुरी में वो दिल्ली जल बोर्ड के खुले गड्ढे में बाइक समेत गिर गए। इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने एक उप ठेकेदार राजेश प्रजापति और एक मजदूर योगेश को गिरफ्तार किया है। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं। इसी मामले में द्वारका कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास हरजोत सिंह आहूजा ने जांच अधिकारी को 13 फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।