13 Feb 2026
गुवाहाटी, 13 फरवरी (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 फरवरी (शनिवार) को असम का दौरा करेंगे। इस दौरान वे एक एयरशो में शामिल होंगे और पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी, डिजिटल बुनियादी ढांचे, उच्च शिक्षा और शहरी गतिशीलता को मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। सुबह करीब 10.30 बजे, प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर असम की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का निरीक्षण करेंगे। यह सुविधा भारतीय वायु सेना के सहयोग से विकसित की गई है और इसे दोहरे उपयोग वाला बुनियादी ढांचा के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यह 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वेट वाले परिवहन विमान को संभाल सकती है। ईएलएफ आपदा प्रतिक्रिया और रणनीतिक संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। दोपहर करीब 1 बजे, प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने नए कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। छह लेन वाला यह एक्सट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) ब्रिज लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बना है और गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है। भूकंप प्रभावित इलाके के लिए इसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग और हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल का इस्तेमाल किया गया है। ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) के माध्यम से रियल-टाइम कंडीशन मॉनिटरिंग और सेफ्टी सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1.30 बजे लचित घाट पर अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसमें कामरूप जिले के अमीनगांव में नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन भी शामिल है। यह अत्याधुनिक सुविधा डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सरकारी विभागों के मिशन-क्रिटिकल अनुप्रयोगों की मेजबानी करेगी और अन्य डेटा केंद्रों के लिए आपदा रिकवरी केंद्र के रूप में कार्य करेगी। प्रधानमंत्री गुवाहाटी स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्थायी परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी (100), नागपुर (50), भावनगर (50) और चंडीगढ़ (25) में कुल 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इन बसों के संचालन से 50 लाख से अधिक लोगों को साफ़, सस्ती और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे शहरी गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। यह दौरा पूर्वोत्तर में अवसंरचना, डिजिटल और शहरी विकास के लिए एक बड़ी पहल माना जा रहा है।