15 Feb 2026
धर्मशाला, 15 फ़रवरी (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित चक्की नदी में बने रेलवे पुल के करीब चार वर्ष पूर्व बाढ़ में बह जाने के कारण बंद पड़ा आवागमन जल्द बहाल होगा। चार वर्ष पूर्व अगस्त 2022 में बाढ़ के कारण पठानकोट-जोगिन्दरनगर रेल सेवा प्रभावित होने पर हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लगातार इसके पुनर्निर्माण की मजबूत मांग को केंद्र के समक्ष उठाया था जिसके चलते चक्की नदी पर रेलवे पुल के पुनर्निर्माण का कार्य चार वर्ष पहले शुरू हुआ।अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि पठानकोट और जोगिंद्रनगर के बीच नैरोगेज ट्रेन सेवा (कांगड़ा घाटी रेल) को जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है और रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी संचार के अनुसार, दिनेश चंद देशवाल, रेलवे सुरक्षा आयुक्त (उत्तरी वृत्त) आगामी 24 व 25 फरवरी 2026 को चक्की नदी पर नव-निर्मित पुल तथा बहाल की गई रेल लाइन खंड की वैधानिक निरीक्षण करेंगे। यह निरीक्षण अंतिम वैधानिक चरण है, जिसके पश्चात् ट्रेन सेवाओं के पुनः आरंभ होने की उम्मीद है। कांगड़ा क्षेत्र के लिए लंबे समय से लंबित और अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है जिसके शुरू होने से हिमाचल में रेल कनेक्टिविटी को बल मिलेगा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह के कारण हिमाचल प्रदेश में रेल सेवाओं के विस्तार को पिछले 12 वर्षों में नई गति मिली है। नए प्रोजेक्टों की मंजूरी से लेकर पुराने प्रोजेक्टों की फंडिंग बढ़ाने में मोरी सरकार का विशेष योगदान रहा है। हिमाचल प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी पर अगस्त 2022 में बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर स्थित चक्की नदी रेलवे पुल बह जाने पर बड़ी रुकावट का सामना करना पड़ रहा था। इस पुल के पुनर्निर्माण की मजबूत मांग को मैंने केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जिस पर त्वरित कार्यवाई करते हुए पुल के निर्माण का कार्य रेल मंत्रालय द्वारा शुरू कराया गया। हिमाचल में रेल विस्तार को बजट में 2911 करोड़ मंजूर अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देवभूमि हिमाचल प्रदेश को रेल नेटवर्क के विस्तार, आधुनिकीकरण, सुरक्षा परियोजना और विद्युतीकरण के लिए 2911 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। मोदी सरकार का हिमाचल में रेल नेटवर्क के विकास में सदा ही विशेष योगदान रहा है और यह मंजूर राशि कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई राशि से 27 गुना अधिक है। देवभूमि हिमाचल के यात्रियों की सुविधा व उनके बेहतर यात्रा अनुभव के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। हिमाचल में चल रही 17 हजार करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अगर देवभूमि में मौजूदा रेलवे विस्तार के कार्यों को देखें तो अभी हिमाचल में 17 हजार 711 करोड़ की परियोजनाएं चल रहीं हैं जिससे राज्य में रेल नेटवर्क बेहतर होगा। 46 करोड़ रुपए की लागत से हिमाचल प्रदेश के चार रेलवे स्टेशन को अमृत स्टेशन योजना के तहत नए सिरे से विकसित किए जाने का भी प्रावधान इस बजट में किया गया है। 2014 से अब तक करीब 16 किलोमीटर की रेल लाइनों का निर्माण हुआ है व 26 फ्लाईओवर और अंडरपास भी विकसित किए गए हैं। मोदी सरकार द्वारा हिमाचल में रेलवे के शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का लक्ष्य भी हासिल कर लिया गया है।