02 Feb 2026
फिरोजाबाद, 02 फ़रवरी (हि.स.)। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने सोमवार को फर्जी लोन एप के माध्यम से फ्रॉड करने वाले एवं फर्जी सिम बेचने वाले अन्तर्राज्जीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में तीन लोग लोन रिकवरी के नाम पर भोले-भाले लोगों को डरा धमका कर ठगी करते हैं। वहीं दाे लाेग सिम के बहाने लाेगाें के साथ धाेखा करते हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नगर रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक थाना साइबर क्राइम राजेश सिंह ने पुलिस टीम के साथ भारत सरकार द्वारा संचालित समन्वय, प्रतिबिम्ब पोर्टल से प्राप्त शिकायतों की जांच के आधार पर थाना साइबर अपराध पर पंजीकृत मुकदमे में प्रकाश में आये अभियुक्त राघव पुत्र शिवनन्दन, सोनू पुत्र सर्वेश कुमार निवासीगण जहारवीर नगर थाना सिरसागंज, रजनीश पुत्र श्रीकृष्ण यादव निवासी कौरारा रोड बाईपास थाना सिरसागंज, नीलेश पुत्र रामप्रवेश निवासी कुतुबपुर थाना नसीरपुर एवं पुष्पेन्द्र पुत्र रवीश कुमार निवासी नगला कन्ही थाना खैरगढ़ को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल, लैपटॉप, थम्ब इम्पैशन रीडिंग मशीन और भारी मात्रा में सिम बरामद हुए है। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर फर्जी लोन से सम्बंधित कई शिकायतें पंजीकृत है। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया है कि हमारे द्वारा महान किट प्रा.लि. नाम की फर्जी फर्म खोली गयी है जिसके माध्यम से हम कई सारे फर्जी लोन एप बनवा कर प्ले स्टोर एवं एप्पल स्टोर पर लाँच करते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस एप को डाउनलोड करता है हम लोग उसकी यूपीआई पर कुछ रुपये लोन के रूप में भेज देते है और परमिशन के नाम पर उसके फोन का सारा डेटा का एक्सेस ले लेते हैं। लोन रिकवरी के नाम पर ऊंची ब्याज दरों पर उनसे रिकवरी करते हैं, अगर कोई व्यक्ति लोन चुकाने से मना करता है तो उसके फोन से लिये गये फोटो को एडिट करके उसे एवं उसके परिजनों को भेजते हैं। जिससे डर कर वह व्यक्ति हमें मनचाही रकम वापस कर देता है। यह काम हम लोग पिछले कई वर्षों से कर रहे हैं। हम लोन का रुपया विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लेते हैं और ग्राहकों का मोबाइल नम्बर ब्लॉक कर देते हैं। वह अभी तक पिछले कई वर्षों से लोन के नाम करीब 800 लोगों से ठगी कर चुके हैं। वहीं गिरोह के दो सदस्य बाहर से आये मजदूरों व अशिक्षित लोगों के पास जाकर उनकी सिम चालू करते हैं एवं मशीन चालू ना होने या कोई भी अन्य बहाना बना कर उन्हें सिम नहीं देते हैं, बाद में वही सिम हम ऊंचे दामों पर रिकवरी एजेन्ट्स को बेच देते हैं । पुलिस ने सभी के विरुद्ध कार्यवाही कर इन्हें जेल भेजा है।