23 Feb 2026
नई दिल्ली, 23 फ़रवरी (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि वह इस बात की पड़ताल करेगा कि नीट-पीजी की कट ऑफ मार्क्स को घटाने से क्या चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है या नहीं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अध्यक्षता वाली पीठ ने नीट-पीजी की कट ऑफ मार्क्स को घटाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणी की। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि ये फैसला खाली सीटों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। उन्होंने कहा कि नीट पीजी न्यूनतम चिकित्सकीय योग्यता प्रमाणित कने के लिए नहीं है बल्कि सीमित सीटों के बीच उम्मीदवारों की तुलना कर सेलेक्शन के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें सभी अभ्यर्थी पहले से एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टर हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील गोपाल शंकरनारायणन ने फीस असमानता का भी मसला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फीस 9 हजार से 27 हजार रुपये तक होती थी जबकि निजी कॉलेजों में 95 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा क 50वें पर्सेंटाइल तक लगभग 1.3 लाख छात्र सीट उपलब्ध होने के बावजूद काफी ज्यादा फीस के कारण निजी कॉलेजों में प्रवेश नहीं ले पाते। उन्होंने निजी कॉलेजों की फीस की सीमा तय करने की मांग की। तब एएसजी ने कहा कि नेशनल मेडिकल काउंसिल ने फीस निर्धारण के नियम बनाए हैं। जिनके मुताबिक निजी कॉलेजों की फीस राज्य से सरकारी कॉलेजों की फीस से 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती है। तब याचिकाकर्ताओं ने कहा कि अगर ऐसा है तो निजी कॉलेज नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। दरअसल, नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज(एनबीईएमएस) ने 13 जनवरी को नीट पीजी काउंसलिंग के लिए कट-ऑफ काफी कम कर दी। इस बदलाव में सबसे अहम एससी-एसटी और ओबीसी कैटेगरी के लिए है जहां क्वालिफाईंग पर्सेंटाइल को 40वें पर्सेंटाइल से घटाकर जीरो पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इसका मतलब है कि 800 में से 40 लाने वाले भी मेडिकल पोस्टग्रेजुएशन कर सकते हैं। इसके अलावा जनरल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाईंग पर्सेंटाइल को 50वां से घटाकर 7वां पर्सेंटाइल कर दिया गया है। इससे कट-ऑफ स्कोर 276 से घटाकर 103 हो गया है। जनरल दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए कट-ऑफ को 45वें से घटाकर 5वें पर लाया गया है, जिससे स्कोर 255 से घटकर 90 हो गया है।