26 Feb 2026
नई दिल्ली, 26 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने 2020 के विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज विधानसभा सीट से मनीष सिसोदिया के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करने के सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि चुनाव याचिका उच्च न्यायालय से खारिज करने के बाद उसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है। अब उच्च न्यायालय में ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। यह याचिका 2020 के विधानसभा चुनाव में पटपड़गंज विधानसभा सीट से चुनाव हार चुके प्रताप चंद्र ने दायर की थी। प्रताप चंद्र को 2020 के विधानसभा चुनाव में 95 वोट मिले थे। याचिका में आरोप लगाया गया था कि चुनाव के दौरान मनीष सिसोदिया ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 के तहत भ्रष्ट आचरण किया। याचिका में कहा गया था कि मनीष सिसोदिया ने अपने नामांकन हलफनामे में अपने आपराधिक इतिहास का कोई जिक्र नहीं किया था। उच्च न्यायालय की सिंगल पीठ ने 17 जनवरी को याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने कहा था कि याचिका में कई तथ्य ऐसा नहीं है, जिससे लगे कि याचिका सुनवाई के योग्य है। कोर्ट ने कहा था कि याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं वे सामान्य आरोप हैं और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 83 के तहत जरुरी तथ्य पेश नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा था कि किसी चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका में धारा 100 (1) (डी) के तहत ये तथ्य स्पष्ट होना चाहिए कि जो कथित भ्रष्ट आचरण किया गया है उससे चुनाव परिणाम कैसे प्रभावित हुआ। लेकिन याचिका में ये तथ्य बिल्कुल नदारद था। कोर्ट ने कहा था कि याचिका में जो फोटो लगाए गए हैं उनमें पार्टी के चुनाव चिह्न और नाम हैं और उसमें सिसोदिया का कोई जिक्र नहीं है। कोर्ट ने कहा था कि ये फोटो चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद 48 घंटे के प्रतिबंधित समय के दौरान के थे कि नहीं इसका कोई जिक्र नहीं था।