24 Mar 2026
सुलतानपुर, 24 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर के चर्चित डॉक्टर घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को फैसला सुनाया गया। अपर जिला जज (एडीजे) संध्या चौधरी ने अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर कुल 1.90 लाख रूपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह धनराशि मृतक डॉक्टर की पत्नी और वादी मुकदमा निशा तिवारी को दी जाएगी।
यह मामला 23 सितम्बर 2023 का है। लम्भुआ के सखौली कला गांव निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने इस संबंध में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने मामले में नरायनपुर गांव के अजय नारायण सिंह, उनके पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह और मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान आरोपित जगदीश नारायण सिंह और विजय नारायण सिंह का निधन हो गया था। इसके बाद मुकदमा अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह के खिलाफ चला।
वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि अदालत ने बीते बुधवार को दोनों आरोपितों को साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा की तारीख तय की थी। आज दोनों दोषियों को जेल से कोर्ट लाया गया।कोर्ट ने अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषी अजय नारायण सिंह पर 1.20 लाख और दीपक सिंह पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। यह कुल 1.90 लाख की धनराशि पीड़ित परिवार को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र की निगरानी में वादी मुकदमा निशा तिवारी के अधिवक्ता संतोष पांडेय और एडीजीसी क्रिमिनल पवन दुबे ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।