01 Feb 2026
बलरामपुर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई का खुलासा आज रविवार को रामानुजगंज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान हुआ। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड के गढ़वा जिले के कुख्यात नशीले इंजेक्शन सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा एवं उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर 7.50 लाख रुपए मूल्य के नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन के व्यापार पर करीब 50 प्रतिशत तक प्रभावी रोक लगेगी। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम की इस बड़ी सफलता का खुलासा सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने आज रविवार को रामानुजगंज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नशीले इंजेक्शन के अंतरराज्यीय नेटवर्क के खिलाफ की गई अब तक की सबसे प्रभावी और त्वरित कार्रवाई है। उन्होंने जानकारी दी कि, दिनांक 30 जनवरी 2026 को झारखंड के गोदरमाना निवासी अनूप गुप्ता एवं सरगुजा जिले के बतौली निवासी विनय गुप्ता को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 6,00,000 मूल्य के 1200 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए थे। पूछताछ के दौरान आरोपित अनूप गुप्ता ने खुलासा किया कि वह यह नशीला इंजेक्शन गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से खरीदता था, जबकि उसके पार्टनर मंजूर अंसारी एवं प्रमोद कुमार सप्लाई का काम संभालते थे। इस खुलासे के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने तत्काल सरगुजा डीआईजी राकेश अग्रवाल से संपर्क कर साइबर सेल की सहायता मांगी। साइबर सेल की त्वरित तकनीकी कार्रवाई के चलते मात्र 24 घंटे के भीतर तीनों मुख्य आरोपितों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर ली गई। दिनांक 31 जनवरी 2026 को शाम के समय पलटन घाट, रामानुजगंज क्षेत्र से रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी एवं प्रमोद कुमार को 1500 नग नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया गया। जब्त इंजेक्शन का बाजार मूल्य 7.50 लाख आंका गया है। प्रेस वार्ता में बताया गया कि, तीनों आरोपितों को पूर्व में गिरफ्तार अनूप गुप्ता एवं विनय गुप्ता के प्रकरण में भी गिरफ्तार किया गया है, साथ ही इनके विरुद्ध पृथक से एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) एवं 29 के तहत प्रकरण दर्ज कर माननीय न्यायालय, रामानुजगंज में पेश कर रिमांड लिया गया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने प्रेस वार्ता में कहा, यदि साइबर सेल की मदद नहीं मिलती तो 24 घंटे के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी संभव नहीं थी। रंजीत विश्वकर्मा गढ़वा जिले का सबसे बड़ा नशीले इंजेक्शन सप्लायर माना जाता है। उसकी गिरफ्तारी उड़नदस्ता टीम की बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने यह भी बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि यदि रंजीत विश्वकर्मा गिरफ्तार हो जाता है, तो छत्तीसगढ़ में नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबार पर लगभग 50 प्रतिशत तक रोक लग सकती है, जो इस कार्रवाई की गंभीरता को दर्शाता है। यह संपूर्ण कार्रवाई जिला आबकारी अधिकारी इंद्रबली मारकंडे के मार्गदर्शन में की गई।