01 May 2026
नई दिल्ली, 01 मई (एजेंसी)। उच्चतम न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुईयां शर्मा की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी है। जस्टिस जेके माहेश्वरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि ये मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का है, ऐसे में पवन खेड़ा की निजी स्वतंत्रता जरुरी है। कोर्ट ने पवन खेड़ा को जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि पवन खेड़ा साक्ष्यों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। पवन खेड़ा ने रिनिकी भुईयां की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर के मामले में गौहाटी उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। गौहाटी उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने राजनीतिक लाभ लेने के लिए एक निर्दोष महिला को विवादों में घसीटा। उच्च न्यायालय के पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। तेलंगाना उच्च न्यायालय के आदेश को असम पुलिस ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने 15 अप्रैल को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी। दरअसल, असम में एफआईआर दर्ज होने के बाद असम पुलिस ने 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर छापा मारा था लेकिन पवन खेड़ा अपने आवास पर नहीं मिले। ये एफआईआर पवन खेड़ा की ओर से रिनिकी भुईयां के खिलाफ कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाने के बाद दर्ज की गई थी।