20 Apr 2026
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने पूर्व आम आदमी पार्टी विधायक नरेश बाल्यान की मकोका के मामले में दायर जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इस मामले पर अब कोई दूसरी बेंच 23 अप्रैल को सुनवाई करेगी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 25 जून, 2025 को नरेश बाल्यान की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। नरेश बाल्यान ने इसके पहले भी उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद जमानत याचिका वापस ले ली गई थी। उसके बाद बाल्यान ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 27 मई, 2025 को बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उसके बाद बाल्यान ने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की है। दरअसल, वसूली के मामले में 4 दिसंबर, 2024 को नरेश बाल्यान को जमानत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मकोका के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने वसूली के मामले में नरेश बाल्यान को 30 नवंबर, 2024 की रात गिरफ्तार किया था। इससे पहले भाजपा ने नरेश बाल्यान का एक ऑडिया क्लिप जारी किया था, जिसमें गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू और बाल्यान के बीच बातचीत थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक नरेश बाल्यान और गैंगस्टर के बीच बातचीत का ये मामला 2023 का है। इसे लेकर 2023 में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। कपिल सांगवान एक कुख्यात गैंगस्टर है, जो फिलहाल ब्रिटेन में रह रहा है। कपिल सांगवान और नरेश बाल्यान दोनों दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं। कपिल सांगवान हरियाणा के नफे सिंह हत्याकांड का भी मास्टरमाइंड है। उसे बल्लू पहलवान और भाजपा नेता सुरेंद्र मटियाला की हत्या का भी मास्टरमाइंड माना जाता है।