27 Apr 2026
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (एजेंसी)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर कहा कि जब तक केंद्र सरकार का आदेश निरस्त नहीं हो जाता तब तक इसके निर्माता इसे रिलीज नहीं कर सकते। ऐसे में याचिका का निस्तारण किया जाता है। जस्टिस पुरुषेंद्र कौरव की बेंच ने यह फैसला सुनाया। ओटीटी प्लेटफार्म जी5 की ओर से पेश वकील राजीव नय्यर ने उच्च न्यायालय में कहा कि केंद्र सरकार ने डॉक्यूमेंट्री की रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिसको चुनौती दी जाएगी। जी5 के मुताबिक इस डॉक्यूमेंट्री में लॉरेंस बिश्नोई के बारे में बताया गया है जो छात्र से राजनेता बना और बाद में एक गैंग बना लिया। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस डॉक्यूमेंट्री की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा था कि इस डॉक्यूमेंट्री की रिलीज को लेकर पंजाब पुलिस ने आपत्ति जताई थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने रिलीज रोकने का निर्देश जारी किया था।