02 May 2026
नई दिल्ली, 2 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। श्री अरविंद महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) का 54वां वार्षिकोत्सव एनसीयूआई (NCUI) ऑडिटोरियम में अत्यंत उत्साह, गरिमा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस गौरवशाली समारोह में प्रख्यात शिक्षाविदों, गणमान्य अतिथियों और उत्साही विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
नैतिक मूल्यों पर जोरः
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमुूर्ति विवेक चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षा के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "वास्तविक शिक्षा वही है जो विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन एवं संवेदनशीलता का विकास करे।" उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी और जोर देकर कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयास ही सफलता के एकमात्र सूत्र हैं।
सकारात्मकता और प्रगति की सराहनाः
समारोह के सम्मानित अतिथि प्रो. अभिषेक टंडन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में प्रसन्नता और सकारात्मक सोच के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं को संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि प्रो. समीर आनंद ने महाविद्यालय की वार्षिक प्रगति की प्रशंसा करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक समितियों के प्रयासों को सराहा।
उपलब्धियों का लेखा-जोखाः
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरुण चौधरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने पिछले एक वर्ष में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल-कूद के क्षेत्र में महाविद्यालय द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का विवरण साझा किया।
सम्मान समारोह:
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रति अपनी दीर्घकालिक और समर्पित सेवाएँ देने वाले सेवानिवृत्त प्राध्यापकों, वरिष्ठ शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्रों को प्रोत्साहनः
वार्षिकोत्सव के दौरान शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही 60 से अधिक विद्यार्थियों को डॉ. अंबेडकर एवं श्री अरविंद छात्रवृत्ति प्रदान की गई। सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी मंच पर सराहा गया।
सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमः
समारोह का समापन विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। लोक नृत्य, संगीत और अन्य कलात्मक प्रस्तुतियों ने ऑडिटोरियम में समां बांध दिया। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि के साथ विद्यार्थियों के हुनर का उत्साहवर्धन किया। यह वार्षिकोत्सव न केवल उपलब्धियों का जश्न रहा, बल्कि नवागत विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का एक सशक्त माध्यम भी बना।