22 Apr 2026
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने संबंधी दया याचिका पर फैसला करने में देरी पर केंद्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस याचिका पर फैसला लेने में इतनी असामान्य देरी क्यों हुई। कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्र ने हलफनामा दाखिल नहीं किया तो याचिकाकर्ता के आरोपों को सही माना जाएगा। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि कुछ दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश किए जाने हैं लेकिन कोर्ट ने केंद्र की इस दलील को नामंजूर कर दिया और अधिक समय देने से इनकार कर दिया। राजोआना ने देरी के आधार पर अपनी मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की है। बलवंत सिंह राजोआना करीब 30 साल से जेल में बंद है। 12 साल से उसकी दया अर्जी लंबित है। उसने दया याचिका के निपटारे में हो रही देरी का हवाला देते हुए रिहाई की मांग की है। याचिका में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का जिक्र किया गया है, जिसके मुताबिक दया याचिका के निपटारे में सरकार बिना किसी ठोस वजह से बहुत अधिक समय लगाती है, तो कैदी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदला जा सकता है। राजोआना इसी कानूनी प्रावधान का लाभ उठाना चाहता है।