09 Apr 2026
नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स.)। उच्चतम न्यायालय मध्यप्रदेश के मुरैना में एक फॉरेस्ट गार्ड पर रेत माफिया द्वारा ट्रैक्टर ट्राली चढ़ा देने के मामले पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है। गुरुवार को एक वकील ने जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन करते हुए इस पर जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि कोर्ट की ओर से स्वत: संज्ञान लिए गए मामलों की सुनवाई 11 मई को है। वकील ने मुरैना की घटना पर जल्द सुनवाई की मांग की। उसके बाद कोर्ट ने मुरैना के मामले पर 13 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया।
दो अप्रैल को कोर्ट ने चंबल नदी में अवैध खनन से वन्यजीवों को हो रहे नुकसान पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि खनन माफिया चंबल के नये डकैत हैं। कोर्ट ने कहा था कि राजस्थान में खनन माफिया पुलिस, वन और प्रशासनिक अधिकारियों की हत्या कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान सरकार के उस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी, जिसमें चंबल अभयारण्य की 732 हेक्टेयर भूमि को संरक्षित क्षेत्र से बाहर करने की कोशिश की गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने चंबल नदी में जहां घड़ियाल छोड़े थे, वहां भी अवैध रेत खनन हो रहे हैं और राज्य सरकार इस पर नियंत्रण रखने में नाकाम है। कोर्ट ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर अवैध खनन नहीं रुका, तो वन, खनन, जल संसाधन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को इसका जिम्मेदार माना जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलावा केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।