07 Apr 2026
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक के आरोपित सरबजीत सिंह को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने दस दिनों की पुलिस हिरासत की मांग की थी। दिल्ली पुलिस ने सरबजीत को कोर्ट में पेश करते हुए हिरासत की मांग की और कहा कि उससे पूछताछ करनी है कि इस साजिश के पीछे किस व्यक्ति का हाथ था। पुलिस ये जानना चाहती है कि क्या इस साजिश में दूसरा कोई भी जुड़ा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि वो आरोपित का मोबाइल फोन तलाश रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक सरबजीत की मानसिक हालत ठीक नहीं है। सुनवाई के दौरान सरबजीत की ओर से पेश वकील ने पुलिस हिरासत की मांग का विरोध करते हुए कहा कि वो मानसिक रुप से अस्वस्थ है और फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरबजीत 14-15 दिनों पहले बिना किसी को बताये अचानक अपनी बहन से मिलने चंडीगढ़ के लिए निकला। चंडीगढ़ में वो एक गुरुद्वारे में भी गया। जब उसे पता चला कि उसका भतीजा गुम हो गया है तो वो दिल्ली लौट आया। सरबजीत के वकील ने कहा कि वो विधानसभा को गुरुद्वारा समझ बैठा और उसमें गलती से घुस गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि सरबजीत खुद कार चलाकर पीलीभीत से चंडीगढ़ गया और वहां से दिल्ली आया। दिल्ली पुलिस ने सरबजीत सिंह को 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। सरबजीत दिल्ली विधानसभा में 6 अप्रैल को नकाब पहनकर वीआईपी गेट नंबर 2 से बैरिकेडिंग तोड़ते हुए घुस गया। अंदर पहुंच वो सीधे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के दफ्तर पहुंचा और पोर्च में गुलदस्ता रखकर फरार हो गया। बाद में दिल्ली पुलिस ने सरबजीत के साथ दो और लोगों को भी गिरफ्तार किया।