07 Apr 2026
नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स.)। राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (एआईएडीएमके) सिंबल मामले में निर्वाचन आयोग को रिश्वत देने की कोशिश के मामले में जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर को जमानत दे दी है। जमानत के इस आदेश के बावजूद सुकेश जेल से बाहर नहीं आ पाएगा, क्योंकि वो दूसरे मामलों में जेल में बंद है। कोर्ट ने कहा कि सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ 31 मामले दर्ज हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि वो जमानत का हकदार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 4 के तहत सजा के प्रावधान में से आधे समय से वो हिरासत में है। 31 में से उसे 26 मामलों में जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले से जुड़े केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों के मामले की कार्यवाही में कुछ साल से रोक लगी हुई, ऐसे में उसे हिरासत में रखने का कोई मतलब नहीं है। सुकेश चंद्रशेखर को इस मामले में 16 अप्रैल, 2017 को गिरफ्तार किया गया था। ये पैसे एआईएडीएमके को सिंबल मामले में निर्वाचन आयोग को गैरकानूनी तरीके से प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 14 जुलाई, 2018 को सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। 17 नवंबर, 2018 को पटियाला हाउस कोर्ट ने टीटीवी दिनाकरन के अलावा सुकेश चंद्रशेखर, मल्लिकार्जुन और वकील बी कुमार के खिलाफ आरोप तय किए थे। सुकेश के खिलाफ दिनाकरन के लिए दोबारा पार्टी सिंबल निर्वाचन आयोग से दिलवाने के लिए 50 करोड़ की डील कराने का आरोप है। क्राइम ब्रांच ने सुकेश के यहां से एक करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद की थी। क्राइम ब्रांच को दस करोड़ के हवाला लेन देन के सबूत मिले हैं। ये रकम चेन्नई, कोच्चि और चांदनी चौक रुट के जरिए डिलीवरी की जाती थी। सुकेश चंद्रशेखर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ की ठगी का मामला भी दर्ज है।