21 Apr 2026
गुवाहाटी, 21 अप्रैल (हि.स.)। गौहाटी उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर कथित मानहानिकारक टिप्पणी से जुड़ा है। न्यायमूर्ति पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें तीन घंटे से अधिक समय तक सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई आशंका नहीं है और इस मामले में हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है और इसके संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा के बयानों का उल्लेख किया। वहीं, असम के महाधिवक्ता देबजीत लोन सैकिया ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि मामला केवल मानहानि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। उन्होंने खेड़ा को संभावित रूप से फरार होने वाला बताते हुए अंतरिम राहत देने का विरोध किया। यह मामला रिनिकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। उल्लेखनीय है कि खेड़ा ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें सात दिनों की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, जिसे बाद में उच्चतम न्यायालय ने स्थगित कर दिया।