18 Apr 2026
जमीन छोडऩे के लिए हुक्का-पानी बंद करने की धमकी, एएसपी को मिली जांच की कमान जोधपुर, 18 अप्रैल (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय ने बालोतरा जिले के एक परिवार को पुश्तैनी जमीन के विवाद में खाप पंचायत द्वारा प्रताडि़त किए जाने के मामले में अहम निर्देश जारी किए हैं। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने पीडि़त मोतीराम की याचिका का समाधान करते हुए निर्देश दिया कि इस मामले की जांच वही पुलिस अधिकारी करेंगे, जिन्हें पूर्व में दीपा राम मेघवाल बनाम राजस्थान राज्य के मामले में नियुक्त किया गया था। कोर्ट ने यह आदेश पीडि़त परिवार द्वारा लगाए गए सामाजिक बहिष्कार और हुक्का-पानी बंद करने जैसी दमनकारी धमकियों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए दिया है। मामला बालोतरा जिले के समदड़ी तहसील स्थित मोखंडी गांव का है। याचिकाकर्ता मोतीराम (46) पुत्र गोमाराम ने कोर्ट को बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति को लेकर सिविल कोर्ट में मुकदमा पेंडि़ंग है। याचिका के अनुसार, आरोपितों ने खुद को समुदाय का स्वयंभू पंच बताते हुए मोतीराम और उनके परिवार पर गैरकानूनी दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपितों की मांग थी कि मोतीराम सिविल कोर्ट से अपना केस वापस लें और पुश्तैनी जमीन को खाली कर दें। जब पीडि़त परिवार ने इस मांग को ठुकरा दिया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर अवैध सभाएं बुलाईं और सार्वजनिक रूप से परिवार का हुक्का-पानी बंद करने तथा उन्हें समाज से बाहर करने की धमकी दी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपितों ने परिवार को समाज से निष्कासित घोषित कर दिया और उनके खिलाफ अपमानजनक बातें फैलाईं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा और उन्हें मानसिक उत्पीडऩ का सामना करना पड़ा। याचिका में इन गतिविधियों को आपराधिक धमकी, जबरदस्ती और उत्पीडऩ का मामला बताया गया है। पीडि़त ने इस संबंध में पुलिस को भी सूचित किया था, लेकिन समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हितेंद्र सिंह और राज्य सरकार की ओर से उप राजकीय अधिवक्ता एन.एस. चांदावत पेश हुए। जस्टिस फरजंद अली ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि वर्तमान मामले में भी जांच की जिम्मेदारी उसी जांच अधिकारी को सौंपी जाए, जिसे दीपा राम मेघवाल केस में नियुक्त किया गया था। यह अधिकारी कानून के अनुसार मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करेगा। इस आदेश के साथ ही अदालत ने याचिका और सभी लंबित आवेदनों को निस्तारित कर दिया है।