02 May 2026
सुलतानपुर, 02 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के वाइस सैंपल मिलान की अर्जी को खारिज कर दिया । परिवादी के अधिवक्ता रिवीजन दाखिल करेंगे। यह मामला केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है।अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तिथि नियत हुई। मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने शनिवार को परिवादी की अर्जी पर सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाते हुए वॉयस सैंपल की मांग को अस्वीकार कर दिया। साथ ही अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तिथि नियत करते हुए बहस एवं बचाव पक्ष को जमानतनामे दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने दलील दी कि कथित ऑडियो-वीडियो की सत्यता की जांच के लिए वॉयस सैंपल आवश्यक है। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने इसे कानूनी रूप से अनुचित बताते हुए अर्जी का विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा था जिस पर शनिवार को फैसला सुनाते हुए परिवादी की मांग को खारिज कर दिया। मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपीएमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश बताया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। इससे पहले, 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपीएमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा था। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।