08 Apr 2026
-रामपाल को जमानत मिलने के बाद समर्थकों ने मनाया जश्न- सेंट्रल जेल में बंद रामपाल 11 वर्ष बाद हो सकते हैं रिहा चंडीगढ़, 08 अप्रैल (हि.स.)। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को देशद्रोह के मामले में जमानत दे दी है। रामपाल पिछले 11 वर्ष चार महीने से हिसार की सेंट्रल जेल में बंद हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश भर में रामपाल के समर्थकों ने जश्र भी मनाए। यह मामला पूर्व हुड्डा सरकार के समय से सुर्खियों में है। 12 जुलाई 2006 को रोहतक के करौंथा आश्रम में रामपाल के समर्थकों और आर्य समाजियों के बीच हुए संघर्ष में एक युवक की हत्या हो गई थी। 14 जुलाई 2014 को रोहतक कोर्ट में इस केस की सुनवाई थी, जो हिसार कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होनी थी। उस दिन रामपाल के समर्थकों पर हिसार कोर्ट परिसर में उपद्रव करने का आरोप लगा। वहां तोडफ़ोड़ के अलावा वकीलों से भी मारपीट की गई। रोहतक बार एसोसिएशन ने हड़ताल कर रामपाल के खिलाफ हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना याचिका दायर की। उस केस में रामपाल दो बार पेश नहीं हुए, जिसके चलते 10 नवंबर 2014 और 17 नवंबर 2014 को उनके गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। आखिरकार 19 नवंबर 2014 को पुलिस ने आश्रम से रामपाल को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया गया। 2018 में हिसार कोर्ट ने आश्रम में हुई मौतों के मामले में रामपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई। रामपाल ने हिसार कोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, हालांकि 22 सितंबर 2025 को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद रामपाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। रामपाल पर कुल 14 केस लगे थे, जिनमें से 11 में वे बरी हो चुके हैं। मुकदमा नंबर 429 और 430 में हाईकोर्ट उम्रकैद की सजा को सस्पेंड कर चुका है। अभी रामपाल पर देशद्रोह का मुकदमा नंबर 428 चल रहा है, जिसमें लगभग 1000 लोग शामिल थे और उनमें से अधिकतर को बेल मिल चुकी है। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब हाईकोर्ट का फैसला संबंधित जिला अदालत को भेजा जाएगा। उसके बाद वहां जमानत बांड भरा जाएगा। जमानत बांड प्रक्रिया पूरी होने के बाद जेल प्रबंधन को इसके आदेश जारी किए जाएंगे। जिसके आधार पर रामपाल को जेल से रिहा किया जाएगा। संत रामपाल दास हरियाणा के एक स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु हैं, जो 'सतलोक आश्रम' के संस्थापक और कबीर पंथी विचारधारा के अनुयायी हैं। वे स्वयं को कबीर साहेब का अवतार मानते हैं। पूर्व में सिंचाई विभाग के इंजीनियर रहे रामपाल 2014 में अपनी गिरफ्तारी, राजद्रोह और हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा (अगस्त 2025 में निलंबित) के कारण विवादों में रहे।उनका असली नाम रामपाल सिंह जतैन है, और वे हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना गांव के निवासी हैं। वे 1990 के दशक में अपनी सरकारी नौकरी छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग पर आ गए और रामदेवानंद जी के शिष्य बने। उन्होंने हिसार (बरवाला), रोहतक और अन्य स्थानों पर 'सतलोक आश्रम' की स्थापना की, जहां वे कबीर साहेब की भक्ति का प्रचार करते हैं। रामपाल दहेज, नशा, छुआछूत और मूर्ति पूजा का कड़ा विरोध करते हैं और 'सत्य साधना' का संदेश देते हैं। इन दिनों हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल व उत्तराखंड समेत कई राज्यों में रामपाल के अनुयायी सक्रिय हैैं। पिछले करीब एक साल से हरियाणा की खाप पंचायतों द्वारा रामपाल की तस्वीर को रखकर कई तरह के सम्मान दिए जा रहे हैं।