07 Jun 2026
रुद्रप्रयाग, 07 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा होते-होते टल गया। तिलवाड़ा पेट्रोल पंप के समीप एक एक्सयूवी-700 कार अनियंत्रित होकर करीब 50 से 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में सवार पांच लोग गंभीर खतरे में फंस गए, लेकिन एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5:10 बजे जिला नियंत्रण कक्ष (डीसीआर) रुद्रप्रयाग से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) को दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर अगस्त्यमुनि पोस्ट से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पवार के नेतृत्व में एक रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना की गई।
मौके पर पहुंचने पर पता चला कि वाहन संख्या UP16-DK-0856 सड़क से नीचे नदी किनारे जा गिरा था। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में दो महिलाएं और तीन पुरुष सवार थे, जो हादसे के बाद घायल अवस्था में खाई में फंसे हुए थे। घटनास्थल का भू-भाग बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण था, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही थीं।
इसके बावजूद एसडीआरएफ टीम ने जिला पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवान रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से गहरी खाई में उतरे तथा एक-एक कर सभी घायलों तक पहुंचे। अथक प्रयासों के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया गया।
हादसे में घायल लोगों की पहचान प्रिंस सिंह (30) निवासी पलामू, झारखंड; सभीमा सिंह (28) निवासी पश्चिम बंगाल; सुजोन मुखर्जी (27) एवं ऋजा मुखर्जी (30) निवासी जलपाईगुड़ी तथा वाहन चालक प्रदीप कुमार (35) निवासी औरैया, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन में सवार सभी लोग पर्यटक बताए जा रहे हैं। दुर्घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वाहन किन परिस्थितियों में सड़क से नीचे जा गिरा।
एसडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और समयबद्ध रेस्क्यू अभियान के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। एसडीआरएफ के इस साहसिक अभियान ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा और विपत्ति की घड़ी में बल के जवान पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर रहते हैं।
उत्तराखंड एसडीआरएफ ने अपने ध्येय वाक्य "सेवा, सुरक्षा एवं मानवता" को एक बार फिर सार्थक करते हुए पांच लोगों को सुरक्षित जीवनदान देने में सफलता प्राप्त की।