28 May 2026
देहरादून, 28 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। उत्तराखंड में गुरुवार को मौसम ने अचानक भयावह रूप धारण कर लिया। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और भारी ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर दिया। कई इलाकों में करीब 250 ग्राम तक वजन वाले बड़े-बड़े ओले गिरने की सूचना मिली है। अचानक बदले मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ, जबकि किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
राज्य के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में तेज गर्जना के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओलों की मोटी परत जम गई। स्थानीय लोगों के अनुसार ओलों का आकार इतना बड़ा था कि कई वाहनों के शीशे टूट गए और घरों की टीन की छतों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने मोबाइल फोन से ओलावृष्टि के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, सब्जियों और फलों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। खासकर सेब, खुबानी और अन्य बागवानी फसलों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई मैदानी इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम खराब होने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही और कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। पहाड़ी मार्गों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात बाधित हुआ। प्रशासन ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम में अचानक बदलाव आया है। विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों तक कई जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना जताते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
चारधाम यात्रा को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दल तैयार हैं। मौसम के इस बदले मिजाज ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों और यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।