15 May 2026
नई दिल्ली, 15 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हरित एवं सतत परिवहन' (सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट) के विज़न को आगे बढ़ाते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने राजधानी में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज इस महत्वपूर्ण हरित पहल की शुरुआत की।
ईवी वाहनों को पार्किंग में मिलेगी 50% राहतः
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जानकारी दी कि अब एनडीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी अधिसूचित पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को पार्किंग शुल्क में 50 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। यह छूट समान श्रेणी के पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में आधी होगी।
यह नियम 18 मई 2026 (सोमवार) से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा। इस छूट का लाभ उठाने के लिए वाहन मालिक को वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और आवश्यक दस्तावेज दिखाने होंगे, जिससे वाहन के इलेक्ट्रिक होने की पुष्टि हो सके। नागरिकों, आगंतुकों और कर्मचारियों को बेहतर 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' देने के लिए एनडीएमसी ने आज से विशेष ईवी ऑटो और बस शटल सेवा का भी शुभारंभ किया है। पालिका केंद्र से नजदीकी मेट्रो स्टेशनों (राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ), एसबीएस गोल मार्केट और एनडीएमसी के विभिन्न फील्ड कार्यालयों के बीच यह सेवा 15 मई से शुरू कर दी गई है।
एनडीएमसी बस शटल सेवा:
चहल ने आज अलीगंज स्थित एनडीएमसी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से इस सेवा को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में यह बस सेवा चार प्रमुख आवासीय परिसरों—सरोजिनी नगर, अमृत काल निवास (जोर बाग), बापू धाम (चाणक्यपुरी) और वाल्मीकि सदन (मंदिर मार्ग) के लिए शुरू की गई है।
फील्ड स्टाफ के लिए ईवी स्कूटर:
एनडीएमसी के फील्ड स्टाफ और कर्मचारियों को कार्यस्थलों तक त्वरित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए ईवी स्कूटर भी सौंपे गए हैं।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिह चहल ने कहा, "यह पहल ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और दिल्ली को स्वच्छ-हरित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। एनडीएमसी प्रधानमंत्री जी के 'स्वच्छ भारत' और 'ग्रीन इंडिया' के सपने को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रही है।"
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए एनडीएमसी कर्मचारी सहायता एवं समन्वय हेतु पालिका केंद्र के प्रवेश द्वारों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों या सुरक्षा विभाग के फ्रंट डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।