29 May 2026
कोलकाता, 29 मई (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में 2021 के चुनावी हिंसा मामले में बांग्ला फिल्माें के अभिनेता परमब्रता चट्टोपाध्याय को कलकत्ता उच्च न्यायालय से राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी मामले में अगले चार सप्ताह तक किसी भी तरह की की पुलिस कार्रवाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी रहेगी और अभिनेता को जांच में सहयोग करना होगा। शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने यह निर्देश दिया। अदालत ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई के दौरान जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। मामले की शुरुआत 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद हुई थी। आरोप है कि 2021 चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद परमब्रत ने साेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कुछ विवादित और कथित रूप से उकसाने वाली टिप्पणियां की थीं। इसी मामले में 21 मई को गड़ियाहाट थाने में अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत में अभिनेता के अधिवक्ता ने दलील दी कि कथित टिप्पणी को लेकर पांच वर्ष बाद प्राथमिकी दर्ज करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायत का कोई ठोस आधार नहीं है और उन टिप्पणियों से किसी प्रकार का प्रत्यक्ष नुकसान भी नहीं हुआ। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए और 109 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बचाव पक्ष ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग की। शिकायतकर्ता अधिवक्ता का आरोप है कि परमब्रत की टिप्पणियों ने चुनाव बाद हिंसा को बढ़ावा दिया था। उनका दावा है कि परमब्रत के एक्स पोस्ट से उस समय राज्य का माहौल तनावपूर्ण हुआ और कई लोग प्रभावित हुए। इसी मामले में पुलिस ने कलाकार को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया था। इस मामले में अभिनेत्री स्वस्तिका मुखोपाध्याय भी आरोपित थीं। स्वस्तिका मुखोपाध्याय पहले ही गड़ियाहाट थाने पहुंचकर पुलिस के सवालों के जवाब दे चुकी हैं। अब उसी मामले में उच्च न्यायालय ने शर्तों के साथ परमब्रत चट्टोपाध्याय को अंतरिम राहत प्रदान की है।--------------