02 Jun 2026
कीव (यूक्रेन), 2 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज|एजेंसी)। रूस ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक यूक्रेन की राजधानी कीव समेत देश के कई हिस्सों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में चार लोग राजधानी कीव और छह लोग मध्य यूक्रेन के औद्योगिक शहर नीप्रो के बताए जा रहे हैं।
हमले के दौरान रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल किया। कई रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा, जबकि आग लगने से दर्जनों वाहन जलकर खाक हो गए। राजधानी के कई इलाकों में रातभर सायरन बजते रहे और लोग बंकरों में शरण लेने को मजबूर हुए।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल हमले की चेतावनी जारी होने के कुछ ही समय बाद कीव में लगातार कई शक्तिशाली धमाके सुनाई दिए। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने इसे हाल के महीनों के सबसे बड़े हमलों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पोडिल्स्की जिले की एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं।
कीव शहर सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर तकाचेंको ने टेलीग्राम पर बताया कि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कई लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। वहीं कीव क्षेत्र के गवर्नर मायकोला कलाश्निक ने कहा कि रूस ने पूरी रात ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए व्यापक हमला किया। उन्होंने कहा कि शांत कस्बों और गांवों को भी निशाना बनाया गया, जिससे नागरिक आबादी में दहशत फैल गई।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को ही देशवासियों को संभावित बड़े रूसी हमले की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि रूस जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा अवसंरचना और तेल परिसंपत्तियों पर किए गए हमलों के बाद रूस ने यह आक्रामक कार्रवाई की है। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन इस वर्ष अब तक रूस की 15 तेल रिफाइनरियों को निशाना बना चुका है, जिससे रूसी ऊर्जा क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
युद्ध के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुके रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों द्वारा ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के उपयोग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ताजा हमलों ने एक बार फिर संकेत दिया है कि संघर्ष के शांत होने के बजाय और अधिक तीव्र होने की आशंका बनी हुई है।