11 Jun 2026
नई दिल्ली, 11 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत@2047’ के विजन के अनुरूप छात्राओं को सशक्त, कौशलयुक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने गुरुवार को नेताजी नगर स्थित एनडीएमसी महिला तकनीकी संस्थान (डब्ल्यूटीआई) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी आकांक्षाओं, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा की भूमिका पर चर्चा की।
चहल ने कहा कि महिलाओं को व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति है और महिला तकनीकी संस्थान जैसे संस्थान एक कुशल, आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
संवाद के बाद उन्होंने संस्थान की विभिन्न कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों की आवश्यकताओं तथा सुझावों को भी सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि संस्थान को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे तथा इसके समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
चहल ने बताया कि वर्ष 1990 में स्थापित महिला तकनीकी संस्थान महिलाओं को व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने वाला एक प्रतिष्ठित संस्थान है। यहां एनसीवीटी, एससीवीटी और प्रयाग संगीत समिति से संबद्ध विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (कोपा), हिंदी एवं अंग्रेजी स्टेनोग्राफी, ब्यूटी एवं हेयर ड्रेसिंग, कटिंग एवं सिलाई, ड्रेस डिजाइनिंग, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, कुकिंग, कैटरिंग एवं होम मैनेजमेंट के साथ संगीत एवं नृत्य के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि समय की मांग को देखते हुए संस्थान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल लर्निंग, सूचना प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और अन्य उभरते क्षेत्रों से जुड़े अल्पकालिक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाने चाहिए, ताकि छात्राएं भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
इस अवसर पर छात्राओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले लाभों को साझा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्राप्त टूलकिट, आर्थिक सहायता और कौशल विकास के अवसरों का भी उल्लेख किया। छात्राओं ने मेट्रो कनेक्टिविटी, महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों के सकारात्मक प्रभावों को भी साझा किया।
चहल ने संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि वे छात्राओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि एनडीएमसी भविष्य में नए पाठ्यक्रम शुरू करने और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य करेगी, ताकि महिला तकनीकी संस्थान को महिला कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा का एक उत्कृष्ट केंद्र बनाया जा सके।