11 May 2026
नासिक, 11 मई (एजेंसी) । महाराष्ट्र के नासिक स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी टीसीएस से जुड़े कथित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में फरार रही आरोपित निदा खान को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नासिक रोड अदालत में पेश किए जाने के बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया, जिसके बाद उसे नासिक रोड केंद्रीय कारागृह भेजा जाएगा। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने निदा खान के बयान के आधार पर अन्य आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य आरोपित दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को भी हिरासत में लेकर तीनों से एक साथ पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस मामले के तार अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हो सकते हैं, जिसकी पुष्टि जांच के बाद हो सकेगी। मार्च महीने में देवलाली कैंप और मुंबई नाका पुलिस थानों में दर्ज शिकायतों के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई थी। उस समय कुछ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन निदा खान फरार हो गई थी। इस बीच, मुंबई नाका पुलिस ने इस मामले में आपराधिक साजिश रचने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी हैं। निदा खान से जब्त किए गए 171 डिजिटल लिंक की तकनीकी जांच और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। एसआइटी ने उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस जांच के अनुसार, 26 मार्च से फरार निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में एक नगरसेवक ने आश्रय दिया था। शुरुआत में बताया गया था कि वह फ्लैट उसके रिश्तेदार का है, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निदा का उस फ्लैट से कोई संबंध नहीं था। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि गर्भावस्था के दौरान निदा खान की आर्थिक मदद किसने की और उसके रहने की व्यवस्था किसने की। जांच में एक और गंभीर आरोप सामने आया है कि देवलाली कैंप क्षेत्र की पीड़िता की पहचान बदलकर उसे ‘हानिया’ नाम दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, निदा खान पीड़िता के घर जाकर उसे एक विशेष धर्म की शिक्षा देती थी और उसे धार्मिक पोशाक पहनने तथा विशेष प्रार्थना करने के लिए मजबूर करती थी।