12 May 2026
नई दिल्ली, 12 मई। ‘अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस’ के अवसर पर दिल्ली सरकार ने नर्सिंग सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने तथा नर्सिंग समुदाय के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस मौके पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद भी निस्वार्थ सेवा देने वाली नर्सों को नमन किया।
लोक नायक अस्पताल (एलएनजेपी) के एमएएमसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और मानवता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि मरीजों की देखभाल और उपचार प्रक्रिया में नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका योगदान अमूल्य है।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कोविड-19 महामारी को याद करते हुए कहा कि कठिन समय में नर्सिंग स्टाफ ने अपने जीवन की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की। उन्होंने कहा कि यदि नर्सों ने उस दौरान समर्पण के साथ काम नहीं किया होता तो दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार नर्सिंग पेशेवरों के कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में नर्सिंग इंटर्न्स के स्टाइपेंड में ऐतिहासिक 27 गुना बढ़ोतरी की गई है। इसे 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 13,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। लगभग 27 वर्षों बाद इस स्टाइपेंड में संशोधन किया गया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर भर्तियां भी की हैं। सरकार ने 1388 नर्सिंग अधिकारियों और 41 पैरामेडिकल कर्मचारियों की भर्ती कर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने एलएनजेपी अस्पताल को ‘कायाकल्प पुरस्कार’ में प्रथम स्थान हासिल करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों, विशेष रूप से नर्सिंग स्टाफ की मेहनत और समर्पण का परिणाम है।
अंत में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ‘अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस’ हमें यह याद दिलाता है कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और नर्सें इस भावना का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।