30 May 2026
बेंगलुरु, 30 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कर्नाटक की राजनीति में शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार को अपना नेता चुन लिया। विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनने के बाद उन्हें आधिकारिक रूप से विधायक दल का नेता घोषित कर दिया गया। इस निर्णय के साथ ही डी.के. शिवकुमार के राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनने का मार्ग लगभग साफ हो गया है।
बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं और विधायकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विधायक दल के नेता के चयन को लेकर व्यापक चर्चा हुई।पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका परमेश्वर ने समर्थन किया। इसके साथ ही डी.के. शिवकुमार के नाम पर सहमति बन गई। उनके नाम की घोषणा होते ही बैठक में मौजूद नेताओं और विधायकों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया और उन्हें बधाई दी।
कांग्रेस नेतृत्व ने इस फैसले को राज्य की राजनीति और संगठनात्मक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व में सरकार जनहित, विकास और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ेगी। साथ ही राज्य के विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डी.के. शिवकुमार ने पार्टी नेतृत्व और विधायकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। नेताओं और विधायकों ने एकजुट होकर राज्य के विकास तथा जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का संकल्प लिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास, किसानों के हितों की रक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर रहेगी।
डी.के. शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठनात्मक क्षमता, रणनीतिक कौशल और कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ के कारण उन्होंने पार्टी को कई महत्वपूर्ण राजनीतिक अवसरों पर मजबूती प्रदान की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवकुमार का नेतृत्व कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। उनके पास प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ संगठन को साथ लेकर चलने की क्षमता भी है। यही कारण है कि पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व को व्यापक समर्थन मिला है।
अब विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। माना जा रहा है कि जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात और सरकार गठन की संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया है कि नए नेतृत्व में कर्नाटक विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।