04 Jun 2026
कोडरमा, 4 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। कोडरमा थाना क्षेत्र के चितरपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प में कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी वाहन चालक राजकुमार यादव की हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। वहीं हत्या से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने गुरुवार को शव रखकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया तथा आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकुमार यादव बुधवार रात करीब 8:30 बजे तक विधायक डॉ. नीरा यादव के साथ थे। वह झुमरीतिलैया में आयोजित एक कार्यक्रम से लौटे थे। इसी दौरान उन्हें परिजनों का फोन आया, जिसमें गोतिया परिवार के लोगों के साथ गांव में विवाद और मारपीट की सूचना दी गई।
परिजनों से सूचना मिलने के बाद राजकुमार यादव तत्काल अपने गांव चितरपुर पहुंचे। बताया जाता है कि वहां पहले से चल रहे जमीनी विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इसी क्रम में राजकुमार यादव पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना में राजकुमार यादव के पिता दशरथ यादव, मां सुधा देवी तथा पुत्री सोनिका कुमारी भी घायल हो गए। बताया जाता है कि आरोपियों ने इन तीनों पर भी हमला किया। घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार विवाद की जानकारी मिलने पर विधायक डॉ. नीरा यादव ने भी कोडरमा थाना प्रभारी को फोन कर स्थिति से अवगत कराया था। इसके बावजूद विवाद हिंसक रूप ले बैठा और राजकुमार यादव की जान चली गई। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हत्या की सूचना मिलते ही कोडरमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
इधर, निजी वाहन चालक की हत्या की खबर मिलते ही विधायक डॉ. नीरा यादव देर रात सदर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। विधायक ने घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जमीनी विवाद को हत्या का मुख्य कारण मानकर विभिन्न बिंदुओं पर पड़ताल में जुटी है।