04 Jun 2026
मुंबई, 4 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का गुरुवार को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ महीनों से लिवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और मुंबई के नानावटी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर मुंबई के सांताक्रूज़ श्मशान घाट में किया जाएगा।
पहलाज निहलानी हिंदी फिल्म उद्योग के उन निर्माताओं में शामिल थे जिन्होंने व्यावसायिक सिनेमा को कई यादगार और सफल फिल्में दीं। उन्होंने अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में अनेक चर्चित फिल्मों का निर्माण किया। वर्ष 1986 में आई फिल्म इल्जाम के जरिए उन्होंने अभिनेता गोविंदा को बॉलीवुड में लॉन्च किया, जबकि अभिनेता चंकी पांडे को भी बड़े पर्दे पर अवसर देने का श्रेय उन्हें जाता है। आंखें, शोला और शबनम, अंदाज, तलाश, जूली 2 और रंगीला राजा जैसी फिल्मों ने उन्हें एक सफल निर्माता के रूप में स्थापित किया।
फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी ने भारतीय फिल्म उद्योग के विभिन्न संगठनों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह लंबे समय तक एसोसिएशन ऑफ पिक्चर्स एंड टीवी प्रोग्राम प्रोड्यूसर्स से जुड़े रहे और निर्माताओं के हितों की आवाज़ उठाते रहे। उद्योग में उन्हें एक ऐसे निर्माता के रूप में जाना जाता था, जिनकी परियोजनाओं पर वितरक और प्रदर्शक भरोसा करते थे।
वर्ष 2015 में उन्हें सीबीएफसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल भारतीय सिनेमा में सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चली बहसों के कारण काफी चर्चित रहा। उड़ता पंजाब और स्पेक्टर जैसी फिल्मों पर लिए गए फैसलों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया। हालांकि उनके समर्थकों का कहना था कि वह फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए हमेशा सक्रिय रहते थे। उनका कार्यकाल अगस्त 2017 तक रहा, जिसके बाद उनकी जगह प्रसून जोशी को नियुक्त किया गया।
पहलाज निहलानी का निधन भारतीय फिल्म उद्योग के एक ऐसे दौर का अंत माना जा रहा है, जिसमें निर्माता केवल फिल्में नहीं बनाते थे, बल्कि उद्योग की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। निर्माता, वितरक और प्रशासक के रूप में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।