03 Jun 2026
फतेहाबाद, 03 जून (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। फतेहाबाद जिले के छोटे से गांव ढाणी बींजा लांबा की बेटी सिमरन ने भारतीय सेना की मेडिकल शाखा में लेफ्टिनेंट बनकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। बेंगलुरु में चार साल का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद बुधवार को जब सिमरन पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचीं, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पूरे गाँव ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं के साथ अपनी इस लाडली बेटी का पलक-पावड़े बिछाकर भव्य स्वागत किया। इस गौरवमयी अवसर पर हरकोफेड के चेयरमैन वेद फूला सहित इलाके के तमाम गणमान्य लोगों ने सिमरन को विशेष रूप से सम्मानित किया।अखिल भारतीय परीक्षा में हासिल किया था पहला स्थानसिमरन के दादा चौधरी भगवाना राम कूंट और पिता नायब सूबेदार पृथ्वी सिंह ने बताया कि सिमरन के मन में बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था। सिमरन की प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, हिसार कैंट से हुई, जहां पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने एनसीसी में भी सक्रिय भूमिका निभाई और बी सर्टिफिकेट प्राप्त किया। सिमरन की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021 में आयोजित मिलिट्री नर्सिंग सर्विस की अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा में उन्होंने 150 में से 150 पूरे अंक हासिल कर देश भर में पहला स्थान (टॉपर) पाया था। इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना के लिए हुआ और उन्होंने बेंगलुरु स्थित एयरफोर्स कमांड हॉस्पिटल से अपना प्रशिक्षण पूरा किया।सिमरन ने न केवल पढ़ाई बल्कि सैन्य प्रशिक्षण के दौरान भी अपनी नेतृत्व क्षमता और खेल कौशल का लोहा मनवाया। वे शॉटपुट प्रतियोगिता में भी हमेशा अव्वल रहीं। सिमरन के चाचा एवं सिरसा के उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. राकेश कूंट ने बताया कि बेंगलुरु में आयोजित पासिंग आउट व कमीशनिंग सेरेमनी के दौरान सिमरन ने पूरी परेड की अगुवाई की। अपने बैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उन्हें विशेष तौर पर सराहा गया। उन्होंने कहा कि सिमरन की यह कामयाबी उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और अटूट समर्पण का प्रतिफल है।क्षेत्र की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणागांव में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान हरकोफेड के चेयरमैन वेद फूला ने सिमरन को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश की बेटियों में असीम प्रतिभा होती है, सिमरन ने इसे सच साबित कर दिखाया है। उनकी यह ऐतिहासिक सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी सेना में जाने और ऊंचे मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। सिमरन को देश के इस प्रतिष्ठित पद पर देखने के बाद पूरे परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों के बीच जश्न का माहौल है और बधाइयों का ताँता लगा हुआ है।