14 May 2026
गाजियाबाद, 14 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किए जाने के समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक और एनडीआरएफ के महानिदेशक सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ को ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ प्रदान किया जाना सिर्फ इसकी सराहनीय सेवाओं को स्वीकार किया जाना ही नहीं, बल्कि यह एसडीआरएफ, पंचायत से लेकर राज्य तक पूरी मशीनरी, एनसीसी, एनएसएस और हजारों की संख्या में सेवा में लगे आपदा मित्रों की सेवाओं का राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदन किया जाना है। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में NDRF ने अपने साहस, समर्पण और उत्कृष्ट सेवा से देशवासियों का भरोसा जीता है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ‘मिनिमम कैजुअल्टी’ से ‘ज़ीरो कैजुअल्टी’ की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से हीट वेव से होने वाली मौतों को शून्य तक लाने के लिए सरकार की तैयारियों का उल्लेख किया। गृह मंत्री ने कहा कि अब आपदा प्रबंधन केवल राहत कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रिवेंटिव और प्रोडक्टिव मॉडल में बदला गया है। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ ने अब तक 1.5 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई है और 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि देश में कहीं भी बाढ़, भूकंप, चक्रवात या अन्य प्राकृतिक आपदा आने पर एनडीआरएफ की मौजूदगी लोगों में सुरक्षा और भरोसे का भाव पैदा करती है। गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ‘ग्लोबल लीडर’ और ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के तहत भारत ने कई देशों की आपदाओं के दौरान मदद पहुंचाई है। अमित शाह ने यह भी बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया गया है। एनडीआरएफ द्वारा हजारों जवानों, सिविल डिफेंस कर्मियों और लाखों वॉलंटियर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। समारोह में उन्होंने 116 करोड़ रुपये से अधिक की छह परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। साथ ही उन्होंने सीएपीएफ जवानों की सराहना करते हुए कहा कि 2021 से अब तक देशभर में 7 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।