29 May 2026
नई दिल्ली, 29 मई (इंद्रप्रस्थ न्यूज)। आगामी मानसून को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां तेज कर दी हैं। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण कर मानसून तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण अफ्रीका एवेन्यू से आर.के. आश्रम मार्ग तक किया गया, जिसमें जलभराव संभावित क्षेत्रों और महत्वपूर्ण स्थलों का विस्तृत जायजा लिया गया।
इस दौरान सिविल इंजीनियरिंग, जन स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान नालों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, डी-वाटरिंग पंपों की उपलब्धता तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करने और मानसून के दौरान सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ, स्मार्ट और तकनीक आधारित शहरी प्रशासन के विजन के अनुरूप एनडीएमसी ने व्यापक मानसून कार्ययोजना तैयार की है। इसमें मानसून पूर्व तैयारियां, बारिश के दौरान त्वरित कार्रवाई और मानसून के बाद क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत शामिल है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में एनडीएमसी क्षेत्र में केवल दो प्रमुख जलभराव संभावित बिंदु — साउथ एवेन्यू और जनपथ शेष हैं। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं, ताकि बारिश के दौरान तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि मानसून शुरू होने से पहले इन दोनों स्थानों पर भी प्रभावी समाधान सुनिश्चित कर लिया जाएगा।
चहल ने जानकारी दी कि नालों की डी-सिल्टिंग का पहला चरण 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इसके तहत 7,888 बेल माउथ, 4,833 गली ट्रैप और 8,913 मैनहोल की सफाई का कार्य पूरा हुआ। वहीं दूसरा चरण करीब 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे 15 जून 2026 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों की बेहतर निगरानी के लिए भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क की जीआईएस मैपिंग भी शुरू कर दी गई है। साथ ही सड़कों, मैनहोल कवर, ड्रेनेज नेटवर्क और वर्षा जल संचयन संरचनाओं की मरम्मत और निरीक्षण का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है।
एनडीएमसी उपाध्यक्ष ने कहा कि मानसून के दौरान पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, रेलवे, भारतीय मौसम विभाग, अग्निशमन सेवा और दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा। डी-वाटरिंग पंप, डीजी सेट और अन्य आवश्यक उपकरणों की विस्तृत सूची तैयार कर ली गई है तथा त्वरित प्रतिक्रिया के लिए मानवबल की तैनाती की योजना भी बनाई गई है।
निरीक्षण के दौरान पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश भी दिया गया। उपाध्यक्ष और सभी विभागाध्यक्ष अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही वाहन में निरीक्षण के लिए पहुंचे। चहल ने कहा कि यह पहल ईंधन संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और संसाधनों के बेहतर उपयोग के प्रति एनडीएमसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “एनडीएमसी की पूरी टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हमारा लक्ष्य एनडीएमसी क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और जलभराव-मुक्त बनाना है।”